आंध्र के ७ मछुआरे ३ सप्ताह बाद निकाले गए
अंध्रा प्रदेश के पलनाडू जिले में एक निजी बस और ऑटो-रिक्शा के बीच हुई टक्कर में ७ लोगों की मौत हो गई और ८ घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि इस हादसे में घायल हुए लोगों का इलाज चल रहा है। घटना बुधवार सुबह हुई थी और पुलिस ने

आंध्र के ७ मछुआरे ३ सप्ताह बाद निकाले गए
आंध्र प्रदेश के पलनाडू जिले में एक निजी बस और ऑटो-रिक्शा के बीच हुई टक्कर में ७ लोगों की मौत हो गई और ८ घायल हो गए। यह घटना बुधवार सुबह हुई थी और पुलिस ने बताया कि इस हादसे में घायल हुए लोगों का इलाज चल रहा है। इस हादसे में मरने वालों में ७ मछुआरे भी शामिल हैं, जिन्हें तीन सप्ताह बाद भी नहीं निकाला गया था।
यह घटना बुधवार सुबह सुबह लगभग ७:०० बजे हुई थी, जब एक निजी बस पलनाडू जिले के मांडापेटा में ऑटो-रिक्शा के साथ टकराई। बस में १५ लोग सवार थे, जिनमें से ७ लोगों की मौत हो गई और ८ घायल हो गए। घटना के बाद, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस ने बताया कि घटना के समय बस और ऑटो-रिक्शा दोनों की गति बहुत तेज थी, जिससे हादसा हुआ। पुलिस ने कहा कि बस के चालक को चालान किया गया है और जांच जारी है। घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने कहा कि इस हादसे के बाद, स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों की मदद की और उन्हें अस्पताल ले गए।
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आंध्र प्रदेश के पलनाडू जिले में हुई इस हादसे के बाद, स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है। लोगों ने कहा कि इस हादसे के बाद, स्थानीय प्रशासन ने कोई भी कार्रवाई नहीं की है, जिससे लोगों को आश्चर्य हुआ है। लोगों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों की मदद करनी चाहिए थी और उन्हें अस्पताल ले जाना चाहिए था।
यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों की मदद की है या नहीं। लोगों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों की मदद करनी चाहिए थी और उन्हें अस्पताल ले जाना चाहिए था। लोगों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को घटना के बाद, घायलों के परिवारों से संपर्क करना चाहिए था और उन्हें मदद करनी चाहिए थी।
लोगों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों की मदद करनी चाहिए थी और उन्हें अस्पताल ले जाना चाहिए था। लोगों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को घटना के बाद, घायलों के परिवारों से संपर्क करना चाहिए था और उन्हें मदद करनी चाहिए थी। लोगों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों की मदद करनी चाहिए थी और उन्हें अस्पताल ले जाना चाहिए था।
इस हादसे के बाद, स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है। लोगों ने कहा कि इस हादसे के बाद, स्थानीय प्रशासन ने कोई भी कार्रवाई नहीं की है, जिससे लोगों को आश्चर्य हुआ है। लोगों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों की मदद करनी चाहिए थी और उन्हें अस्पताल ले जाना चाहिए था।
यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों की मदद की है या नहीं। लोगों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों की मदद करनी चाहिए थी और उन्हें अस्पताल ले जाना चाहिए था।


